रविवार, 17 फ़रवरी 2013





"कोई एक विचार लो और उसे अपनी जिन्दगी बना लो। उसी के बारे में सोचो और सपने में भी वही देखो. उस विचार को जीओ। अपने शरीर के हर अंग को उस विचार से भर लो। सफलता का रास्ता यही है। जब तुम कोई काम कर रहे हो, तो फिर किसी और चीज के बारे में नहीं सोचो। इसे पूजा की तरह करो। इस दुनिया में आये हो तो अपनी छाप छोड़ जाओ। ऐसा नहीं किया, तो फिर तुझमें और पेड़-पत्थरों में अन्तर क्या रहा? वे भी पैदा होते और नष्ट हो जाते हैं।" 


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